Carlos Alcaraz ने टोरंटो मास्टरस से हटकर दिया शारीरिक व मानसिक रिकवरी का कारण

Carlos Alcaraz ने टोरंटो मास्टरस से हटकर दिया शारीरिक व मानसिक रिकवरी का कारण

Alcaraz की अचानक घोषणा और उसके पीछे का कारण

जुलाई 21, 2025 को विश्व क्रमांक 2 Carlos Alcarz ने सोशल मीडिया के ज़रिये नेशनल बैंक ओपन, टोरंटो से अपनी वापसी का फैसला सार्वजनिक किया। उन्होंने बताया कि उनके शरीर में "छोटी मांसपेशी समस्याएँ" हैं और लगातार दो हफ़्तों तक कोई विश्राम नहीं मिलने के कारण उन्हें शारीरिक व मानसिक दोनों तौर पर री‑सेट की आवश्यकता है। इस टॉर्नामेंट को छोड़ने का उनका प्राथमिक मकसद आगामी बड़े इवेंट्स में फॉर्म बरकरार रखना और फैन‑बेस को निराश न करना था।

Alcaraz ने यह भी कहा कि वह आगामी यूरोपियन‑स्लैम और अमेरिकी हार्ड‑कोर्ट सीज़न के लिए पूरी तैयारी में रहना चाहते हैं। इस बीच, जर्नी‑मैनेजमेंट टीम ने इसे "जिम्मेदार खिलाड़ी" की कमजोरी नहीं, बल्कि एक पेशेवर रणनीति के रूप में सराहा।

कैलेंडर का संकुचन और शीर्ष खिलाड़ियों पर असर

कैलेंडर का संकुचन और शीर्ष खिलाड़ियों पर असर

Alcaraz के साथ-साथ विश्व क्रमांक 1 जैनिक सिन्नर, ग्रैंड स्‍लेम विजेता नोवाक़ जोकोविच और इन्लैंड वेल्स चैंपियन जैक ड्रेपर ने भी टोरंटो मास्टरस से हटने की घोषणा की है। इससे इस टॉर्नामेंट में ATP के शीर्ष‑6 में से चार खिलाड़ी अनुपस्थित रहेंगे – एक ऐसा परिदृश्य जो पिछले वर्षों में शायद ही देखा गया हो।

वर्तमान कैलेंडर में वimbledon के बाद टोरंटो तक केवल दो हफ़्ते का अंतर है, जबकि पहले यह अंतर लगभग एक महीने का था। यह बदलाव रोलन डि‍ गारोस‑वimbledon के बीच एक अतिरिक्त हफ़्ता और कैनेडियन व सिनसिनाटी इवेंट्स की शुरुआती तिथियों के कारण आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कम रिकवरी टाइम से खिलाड़ियों के शरीर पर अतिरिक्त दबाव बनता है, जिससे चोट‑जोखिम बढ़ जाता है।

टॉर्नामेंट डायरेक्टर कार्ल हेले ने कहा कि शीर्ष खिलाड़ियों की अनुपस्थिति से टॉर्नामेंट में नया चेहरा उभर सकता है और इस साल के तीसरे और चौथे सीड एलेक्जेंडर ज़वेराव और टेलर फ्रिट्ज को प्रमुख स्थान मिला है। फिर भी उन्होंने इस बात पर निराशा जताई कि वैश्विक टेनिस कैलेंडर को दीर्घकालिक स्थिरता के लिए पुनः विचार किया जाना चाहिए।

इसी बीच, ATP के भीतर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। कई कोच और फिजियोथेरेपिस्ट ने कहा कि 12‑दिन की लगातार प्रतियोगिताओं के बाद न्यूनतम दो‑तीन हफ़्ते का विश्राम चाहिए, नहीं तो खिलाड़ियों का प्रदर्शन और करियर दोनों पर असर पड़ता है।

टिप्पणि (19)

  • Shruthi S

    Shruthi S

    28 09 25 / 00:51 पूर्वाह्न

    ये लड़का तो असली प्रोफेशनल है। बस एक छोटी सी मांसपेशी की समस्या के लिए टूर छोड़ देना... ये तो समझदारी है। बस धीरे-धीरे ठीक हो जाएगा, हम सब उसके लिए इंतज़ार कर रहे हैं ❤️

  • Pragya Jain

    Pragya Jain

    28 09 25 / 14:57 अपराह्न

    अरे ये सब बहाना है! अगर वो असली लड़का होता तो बीच में भी खेलता! ये तो बस थक गया है, अपनी चालाकी से आराम कर रहा है। भारत के खिलाड़ी तो बीमार होकर भी खेल जाते हैं!

  • Neha Jayaraj Jayaraj

    Neha Jayaraj Jayaraj

    28 09 25 / 22:39 अपराह्न

    ओमग ये क्या हो रहा है?? 🤯 अलकाराज़ ने टोरंटो छोड़ दिया?? और सिन्नर, जोकोविच, ड्रेपर सब चले गए?? ये टूर अब बस एक फेक टूर बन गया है! अब तो ज़वेराव और फ्रिट्ज को गोल्डन ट्रॉफी दे दो बस 😭🔥 #TennisCrisis

  • Disha Thakkar

    Disha Thakkar

    29 09 25 / 16:10 अपराह्न

    इतनी तेज़ कैलेंडर? ये तो खिलाड़ियों को बाज़ार में गाय बेचने जैसा है। एक बार तो इन्होंने एक एथलीट के शरीर को एक रोबोट समझ लिया। और अब जब वो टूट गया, तो फिर बहाने बनाने लगे। बस, बहुत बेहतरीन नियो-लिबरल फेक-प्रोफेशनलिज़म।

  • Abhilash Tiwari

    Abhilash Tiwari

    1 10 25 / 00:31 पूर्वाह्न

    ये जो बदलाव हुआ है कैलेंडर में... वो तो बिल्कुल निर्मम है। जैसे एक गाड़ी को बिना रेस्ट के 24 घंटे चलाना। अलकाराज़ ने जो किया, वो एक बड़ी बात है। शारीरिक रिकवरी और मानसिक शांति भी खेल का हिस्सा है। इसे दुर्बलता नहीं, बल्कि स्मार्टनेस कहो।

  • Anmol Madan

    Anmol Madan

    1 10 25 / 07:58 पूर्वाह्न

    अरे भाई ये लोग तो बस थोड़ा आराम कर रहे हैं। तुम लोग इतना ड्रामा क्यों कर रहे हो? अगर मैं खेलता तो मैं भी आराम कर लेता! ये तो सिर्फ़ एक ब्रेक है, नहीं तो फिर वो भी बैक से आ जाएगा। बस थोड़ा इंतज़ार करो 😎

  • Shweta Agrawal

    Shweta Agrawal

    1 10 25 / 21:42 अपराह्न

    मुझे लगता है सबका अपना वजह है और हर कोई अपने तरीके से खेल रहा है अगर कोई आराम कर रहा है तो उसकी बात मान ली जानी चाहिए क्योंकि खेल तो लंबे समय तक चलना चाहिए ना

  • raman yadav

    raman yadav

    2 10 25 / 06:01 पूर्वाह्न

    ये सब जो बोल रहे हैं वो तो बस बाहर से देख रहे हैं। अगर तुम जानते तो जानते कि एटीपी के पीछे कौन है? वो तो बस बड़े बिज़नेस वाले हैं जिन्हें खिलाड़ियों की ज़िंदगी से कोई लेना-देना नहीं। अलकाराज़ ने अपनी जान बचाई, बाकी सब बस टीवी पर बैठे हैं। ये खेल अब बिज़नेस बन गया है भाई, खेल नहीं।

  • Ajay Kumar

    Ajay Kumar

    3 10 25 / 20:03 अपराह्न

    क्या तुम्हें लगता है ये सब बेवकूफ़ी है? ये टूर्नामेंट छोड़ना बस शुरुआत है। अगले महीने वो बताएंगे कि उनके पास डीप फेक न्यूरोलॉजिकल डिसऑर्डर है। ये सब एक बड़ा गोपनीय रिकवरी प्रोग्राम है। एटीपी के साथ एक गुप्त एजेंसी है जो खिलाड़ियों को नियंत्रित करती है। ये सब तो बस बाहरी झांसा है।

  • Chandra Bhushan Maurya

    Chandra Bhushan Maurya

    4 10 25 / 20:02 अपराह्न

    अरे भाई ये तो दिल छू गया। एक 21 साल का लड़का अपने शरीर की आवाज़ सुनकर टूर्नामेंट छोड़ देता है... ये तो बहादुरी की बात है। हम तो बस बाहर से देखते हैं कि वो जीत गया, हार गया... पर असली जीत तो वो है जो अपने शरीर के लिए खड़ा हो जाए। ये लड़का असली चैंपियन है।

  • Hemanth Kumar

    Hemanth Kumar

    4 10 25 / 21:18 अपराह्न

    यहाँ उल्लेखित तथ्यों के आधार पर, टेनिस टूर्नामेंट कैलेंडर के संकुचन का वैज्ञानिक रूप से अनुमानित शारीरिक दबाव उल्लेखनीय है। एथलीटों के लिए न्यूनतम अवकाश की आवश्यकता को अनदेखा करना, लंबे समय तक प्रदर्शन क्षमता के लिए अत्यंत विनाशकारी हो सकता है।

  • kunal duggal

    kunal duggal

    6 10 25 / 09:40 पूर्वाह्न

    अलकाराज़ का फैसला एक नए एथलीटिक फ्रेमवर्क की शुरुआत है - जहाँ परफॉर्मेंस के बजाय स्थिरता पर जोर दिया जा रहा है। ये डेटा-ड्रिवन रिकवरी मॉडल्स के साथ फिटनेस के भविष्य का संकेत है। इसके बाद एटीपी को एक नए रिकवरी इंडेक्स की आवश्यकता होगी।

  • Ankush Gawale

    Ankush Gawale

    8 10 25 / 05:52 पूर्वाह्न

    मुझे लगता है दोनों तरफ़ की बात समझ में आती है। अलकाराज़ ने अपनी जगह बचाई, और टूर्नामेंट के लिए भी नए खिलाड़ियों का मौका मिला। शायद ये बदलाव अच्छा हो सकता है।

  • रमेश कुमार सिंह

    रमेश कुमार सिंह

    9 10 25 / 22:42 अपराह्न

    जब तक दुनिया जीत को ही जीवन समझेगी, तब तक खिलाड़ियों को अपने शरीर के लिए बोलना मुश्किल होगा। अलकाराज़ ने एक बड़ा कदम उठाया है - वो बस खेल नहीं, जीवन भी खेल रहा है। और ये वाकई असली जीत है।

  • Krishna A

    Krishna A

    10 10 25 / 19:51 अपराह्न

    अरे ये सब बहाना है। ये लोग बस अपनी गलतियों को छुपाने के लिए ऐसा करते हैं। अगर वो असली खिलाड़ी होते तो खेलते। बस डर रहे हैं। बाकी सब झूठ है।

  • Jaya Savannah

    Jaya Savannah

    12 10 25 / 09:27 पूर्वाह्न

    टूर्नामेंट छोड़ना = बहादुरी 🤡 अब तो जब भी कोई थक जाए तो वो बस 'रिकवरी' का नाम लगा देगा... बस अब टेनिस का नया ट्रेंड हो गया है: न खेलो, बस बताओ कि तुम थक गए 😴 #RecoveryIsTheNewWin

  • Sandhya Agrawal

    Sandhya Agrawal

    12 10 25 / 19:38 अपराह्न

    ये सब एक बड़ा गुप्त योजना है। टेनिस बॉडी के लिए नया एक्सपेरिमेंट है। वो लोग जानते हैं कि खिलाड़ियों को जल्दी बर्नआउट हो जाता है। अलकाराज़ को बनाया गया है एक नए नियम का निशान। अब देखो, अगले दो महीने में एक और बड़ा नाम निकलेगा।

  • Vikas Yadav

    Vikas Yadav

    14 10 25 / 07:30 पूर्वाह्न

    मुझे लगता है, कि यह निर्णय, एक विशेष रूप से, खिलाड़ी के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए, बहुत ज़रूरी है। और इसके बाद, जब वह वापस आएगा, तो उसका प्रदर्शन और भी बेहतर होगा। इसलिए, इसे एक सकारात्मक कदम के रूप में देखना चाहिए।

  • Amar Yasser

    Amar Yasser

    16 10 25 / 02:19 पूर्वाह्न

    ये तो बहुत अच्छी बात है! अगर खिलाड़ी अपने आप को ठीक कर लेंगे तो फिर वो और भी ज़बरदस्त खेलेंगे। हम सब उनके लिए दुआ करते हैं! 💪❤️

एक टिप्पणी छोड़ें