4 नवंबर, 2025 को शाम 7:18 बजे (UTC) ग्रोउ का आईपीओ शुरू हो गया — भारत के डिजिटल निवेश जगत में एक ऐतिहासिक क्षण। ये केवल एक आईपीओ नहीं, बल्कि एक ऐसी कंपनी का नाम है जिसने लाखों नए निवेशकों को शेयर बाजार की दुनिया में लाया है। ये कंपनी, जिसका कानूनी नाम बिलियनब्रेन्स गैरेज वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड है, ने ₹95 से ₹100 के बीच कीमत बैंड रखा है, और न्यूनतम लॉट 150 शेयर, यानी ₹15,000 का निवेश। आईपीओ की समय सीमा 7 नवंबर तक रहेगी, और 12 नवंबर को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होगी।
इस आईपीओ का कुल आकार ₹6,632 करोड़ है — जिसमें ₹1,060 करोड़ का नया निवेश और ₹5,572 करोड़ का ओफर फॉर सेल (OFS) शामिल है। OFS में मौजूदा शेयरधारक, जिनमें टाइगर ग्लोबल मैनेजमेंट, रिब्बिट कैपिटल और एंड्रीसेन हॉरोविट्ज़ जैसे वैश्विक निवेशक शामिल हैं, अपने हिस्से बेच रहे हैं। ये संरचना आमतौर पर आईपीओ में देखी जाती है, लेकिन ग्रोउ के मामले में ये अलग है — क्योंकि यहां निवेशक न केवल कंपनी में निवेश कर रहे हैं, बल्कि उनके निवेशकों के लाभ को भी देख रहे हैं।
पहले दिन आईपीओ की सब्सक्रिप्शन दर 57% रही, जो कम लग सकता है — लेकिन यहां एक बड़ा ट्विस्ट है। रिटेल निवेशकों के लिए आवंटित कोटा 1.9 गुना ओवरसब्सक्राइब हो चुका है। यानी छोटे निवेशक, जिन्हें ग्रोउ ने बनाया है, वो अपने पैसे लेकर आ रहे हैं। दूसरी ओर, कुल सब्सक्रिप्शन केवल 0.13x है — जो बताता है कि आईआरए (Institutional Investors) अभी बहुत सावधान हैं। क्यों? शायद इसलिए कि फिनटेक कंपनियों के लिए मुनाफा अभी भी अस्थिर है, या फिर बाजार में लेंसकार्ट और पाइन लैब्स जैसी अन्य आईपीओ के कारण निवेशक बंट गए हैं।
2016 में हर्ष जैन, ललित मंगल, इशान बंसल और दीपक जैन ने ग्रोउ की शुरुआत की — तीनों फ्लिपकार्ट के पूर्व कर्मचारी। उन्होंने एक साधारण विचार रखा: निवेश जटिल नहीं होना चाहिए। उन्होंने एक ऐसा ऐप बनाया जो भाषा समझता है, जो ग्राफ़िक्स बताता है, जो बातचीत करता है। आज तक, ग्रोउ ने ₹2.5 लाख करोड़ से अधिक के लेनदेन को संभाला है। ये नंबर बस एक आंकड़ा नहीं — ये लाखों घरों के बजट में बदलाव है।
आईपीओ के बाद भी बाजार अभी तक बहुत सावधान है। एंकर इन्वेस्टर्स के लिए लॉक-इन दो चरणों में खत्म होगा: 50% शेयर 10 दिसंबर, 2025 को और बाकी 50% 8 फरवरी, 2026 को। ये नियम बाजार को अचानक बिक्री से बचाने के लिए है — लेकिन यहां एक बड़ा सवाल है: क्या एंकर इन्वेस्टर्स अपने शेयर बेचेंगे? अगर हां, तो ग्रोउ की कीमत शुरुआती दिनों में गिर सकती है। अगर नहीं, तो ये एक बड़ा विश्वास का संकेत होगा।
ग्रोउ के आईपीओ के बाद भारतीय फिनटेक क्षेत्र का नक्शा बदल सकता है। ये एक ऐसी कंपनी है जिसने शेयर बाजार को गांव-गांव तक पहुंचाया। अब बाजार देख रहा है — क्या ये डिजिटल निवेश का भविष्य है? या फिर ये भी एक टेक-स्टार्टअप है जो अपने निवेशकों को भुनाने के लिए आईपीओ का इस्तेमाल कर रही है? विश्लेषकों का मानना है कि अगर ग्रोउ अपने विज्ञापन खर्च को कम करके लाभ की ओर बढ़े, तो ये एक स्थायी बिजनेस मॉडल बन सकता है। अगर नहीं, तो ये भी एक और फ्लैश-इन-द-पैन वैल्यू होगी।
10 नवंबर को शेयरों का आवंटन पूरा होगा, और 11 नवंबर को रिफंड और शेयर जमा होंगे। लिस्टिंग के बाद ग्रोउ का बाजार पूंजीकरण ₹1.5 लाख करोड़ तक पहुंच सकता है — यानी ये भारत की टॉप 10 फिनटेक कंपनियों में शामिल हो जाएगी। अगले तीन महीनों में देखना होगा कि क्या ये नए निवेशक अपने अकाउंट्स में नियमित निवेश करते रहेंगे, या फिर बस एक बार का बाजार का शो देखकर चले जाएंगे।
न्यूनतम लॉट 150 शेयर है, जिसकी कीमत ₹95-100 के बीच है। इसका मतलब है कि न्यूनतम निवेश ₹15,000 है। अगर आप ₹30,000 या ₹45,000 लगाना चाहते हैं, तो आप 300 या 450 शेयर खरीद सकते हैं। ये आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए भी बहुत सुलभ है।
शेयर 12 नवंबर, 2025 को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर लिस्ट होंगे। आवंटन 10 नवंबर को पूरा होगा, और 11 नवंबर को शेयर आपके डीमैट अकाउंट में जमा हो जाएंगे। ये टाइमलाइन बहुत स्पष्ट है — जो आईपीओ में कम देखा जाता है।
एंकर इन्वेस्टर्स में टाइगर ग्लोबल, रिब्बिट कैपिटल, एंड्रीसेन हॉरोविट्ज़ और वाय कॉम्बिनेटर जैसे वैश्विक फंड शामिल हैं। इन्होंने आईपीओ से पहले शेयर खरीदे थे। ये लोग अपने शेयर बेचने से पहले 30 और 90 दिन का लॉक-इन पालन करेंगे, जिससे बाजार को स्थिरता मिलेगी।
ग्रोउ मुख्य रूप से यूजर्स को म्यूचुअल फंड, शेयर, ETF और एफडी में निवेश करने की सुविधा देता है। ये फ्री ट्रेडिंग नहीं करता — इसकी आय फंड हाउसेज और बैंक्स से कमीशन के रूप में आती है। इसकी खास बात है कि ये नए निवेशकों को सिखाता है — जिससे उनकी लॉयल्टी बढ़ती है।
लेंसकार्ट का आईपीओ 2.86x सब्सक्रिप्शन के साथ बंद हुआ — यानी इसमें भारी डिमांड थी। लेकिन ग्रोउ का आईपीओ रिटेल निवेशकों के लिए बहुत अधिक आकर्षक है। लेंसकार्ट एक रिटेल ब्रांड है, जबकि ग्रोउ एक डिजिटल फिनटेक प्लेटफॉर्म है। दोनों अलग बाजारों में काम करते हैं।
अगर ग्रोउ अपने लाभ को बढ़ाने में सफल होता है, तो ये एक मॉडल बन जाएगा — जहां डिजिटल निवेश टेक्नोलॉजी और शिक्षा के साथ जुड़े। अगर ये लाभ के बिना बस यूजर ग्रोथ पर फोकस रहा, तो ये एक और फ्लैश-इन-द-पैन हो सकता है। भविष्य ये बताएगा कि ये बिजनेस स्थायी है या नहीं।
Dev Toll
5 11 25 / 10:33 पूर्वाह्नग्रोउ ने तो असल में बाजार को बदल दिया है। मैंने पहली बार 5000 रुपये से शुरुआत की थी, अब तक 1.5 लाख निवेश हो गया। ऐप इतना सरल है कि मेरी माँ भी ट्रेड कर लेती है।
utkarsh shukla
6 11 25 / 00:00 पूर्वाह्नरिटेल निवेशकों की सब्सक्रिप्शन 1.9x है और इंस्टीट्यूशनल्स की सिर्फ 0.13x? ये बात सच में सोचने पर मजबूर कर देती है।
shyam majji
6 11 25 / 22:48 अपराह्नएंकर इन्वेस्टर्स जब 10 दिसंबर को शेयर बेचेंगे तो देखना होगा कि कौन डूबेगा
shruti raj
7 11 25 / 09:50 पूर्वाह्नये सब टेक-स्टार्टअप वाले बस निवेशकों को भुनाने के लिए आईपीओ कर रहे हैं... मैंने देखा है ऐसा ही कई बार हुआ है 😔
Chandu p
8 11 25 / 06:13 पूर्वाह्नभारत की ये डिजिटल क्रांति दुनिया के सामने गर्व की बात है। ग्रोउ ने गांवों तक निवेश का सपना साकार किया है। 🙌
Krishnan Kannan
8 11 25 / 22:09 अपराह्नमैंने ग्रोउ के ऐप को इसलिए पसंद किया क्योंकि ये बिना जटिल शब्दों के समझा देता है। मैंने अपने दोस्त को भी सिखाया - अब वो भी हर महीने 2000 रुपये निवेश करता है। ये बस एक ऐप नहीं, एक शिक्षा है।
मैंने जब पहली बार शेयर खरीदे तो डर लग रहा था कि शायद ये सब ठगी है। लेकिन जब मैंने देखा कि मेरे पैसे बढ़ रहे हैं, तो विश्वास हो गया।
हर दिन ऐप पर एक छोटा सा ब्लॉग पढ़ता हूँ - जैसे कि शेयर बाजार का एक दिन का नोट्स। अब मैं निवेश के बारे में बात करने लगा हूँ।
मेरी बहन ने तो अपने बच्चे के लिए एक SIP शुरू कर दी है। वो कहती है कि ये उसके बच्चे के भविष्य का बीज है।
मैंने कभी नहीं सोचा था कि मैं एक निवेशक बन जाऊंगा। मैं तो सिर्फ एक ऑफिस वाला था।
लेकिन अब मैं अपने दोस्तों को भी ग्रोउ के बारे में बता रहा हूँ। उनकी आँखों में वही चमक है जो मुझे एक साल पहले थी।
कुछ लोग कहते हैं कि ये सब बाजार का खेल है। लेकिन मैंने देखा है कि जो लोग नियमित रूप से निवेश करते हैं, वो बहुत ज्यादा फायदा उठा रहे हैं।
मैंने एक बार अपना निवेश रोक दिया था क्योंकि बाजार गिर गया था। लेकिन जब मैंने फिर से शुरू किया, तो दो साल में मेरा पैसा दोगुना हो गया।
ये ऐप ने मुझे सिखाया कि निवेश एक आदत है, न कि एक ट्रेड।
मैं अब रोज अपने निवेश को देखता हूँ - न कि बाजार के उतार-चढ़ाव के लिए, बल्कि अपनी यात्रा के लिए।
ग्रोउ ने मुझे निवेश करने का साहस दिया। अब मैं उसे धन्यवाद देना चाहता हूँ।
मैं अपने बच्चे को भी यही सिखाऊंगा - जब तक आप निवेश करते रहेंगे, तब तक आप अमीर बन सकते हैं।
अगर आप अभी तक निवेश नहीं किया, तो अभी शुरू कर दीजिए। 150 शेयर के लिए बस 15,000 रुपये चाहिए। बस शुरू कर दीजिए।
Amit Kashyap
10 11 25 / 07:42 पूर्वाह्नये ग्रोउ वाले तो अमेरिकी फंड्स के गुलाम बन गए हैं... टाइगर ग्लोबल जैसे बाहरी लोग भारत के बाजार में अपना फायदा उठा रहे हैं। हमारे देश के लोग बस उनके लिए शेयर खरीद रहे हैं।
Khagesh Kumar
12 11 25 / 06:02 पूर्वाह्नग्रोउ का बिजनेस मॉडल अच्छा है क्योंकि ये कमीशन पर निर्भर है, न कि ट्रेडिंग फीस पर। ये नए निवेशकों को सिखाता है, न कि उनका लाभ निकालता है।
जब आप एक ऐप बनाते हैं जो लोगों को सिखाता है, तो वो आप पर लॉयल हो जाते हैं। ये लंबे समय तक चलने वाला मॉडल है।
कई फिनटेक कंपनियां तो बस लोगों को ट्रेड करने के लिए प्रेरित करती हैं - लेकिन ग्रोउ उन्हें समझाता है।
अगर आप अपने निवेश को बाजार के उतार-चढ़ाव के बारे में नहीं सोचते, बल्कि अपने लक्ष्य के बारे में सोचते हैं, तो आप जीत जाते हैं।
ग्रोउ ने ये सोच फैलाई है। ये एक बड़ी उपलब्धि है।
मैंने देखा है कि जब लोग निवेश करना शुरू करते हैं, तो वो अपने खर्च पर भी नियंत्रण करने लगते हैं।
ये बस एक ऐप नहीं, एक जीवनशैली बदल रहा है।
अगर आपको लगता है कि आपके पास पैसा नहीं है, तो आप गलत हैं। आपके पास बस ज्ञान की कमी है।
ग्रोउ ने उस कमी को पूरा किया है।
Dhananjay Khodankar
12 11 25 / 08:26 पूर्वाह्नलेंसकार्ट के आईपीओ में बहुत भीड़ थी, लेकिन ग्रोउ का आईपीओ अलग है। ये उन लोगों के लिए है जो निवेश करना चाहते हैं, न कि बस शेयर खरीदना चाहते हैं।
मैं तो इस बार निवेश नहीं कर रहा, लेकिन मैं इसके बारे में बहुत सोच रहा हूँ।
अगर ग्रोउ अपने विज्ञापन खर्च को कम कर दे, तो ये एक असली जीत होगी।
मैंने देखा है कि जब एक कंपनी अपने यूजर्स को नहीं भूलती, तो वो लंबे समय तक चलती है।
मैं उम्मीद करता हूँ कि ग्रोउ ऐसा ही करेगा।
Ritu Patel
12 11 25 / 11:20 पूर्वाह्नये सब फिनटेक वाले बस अपने लिए पैसा कमा रहे हैं... आपको लगता है कि आप निवेश कर रहे हैं, लेकिन वो आपके लिए नहीं, अपने लिए कर रहे हैं।
Gopal Mishra
13 11 25 / 07:32 पूर्वाह्नग्रोउ के आईपीओ की सबसे बड़ी बात ये है कि ये रिटेल निवेशकों के लिए बनाया गया है - न कि इंस्टीट्यूशनल्स के लिए।
इस बार रिटेल निवेशकों ने अपना आवंटित कोटा 1.9 गुना ओवरसब्सक्राइब कर दिया, जबकि इंस्टीट्यूशनल्स बहुत सावधान हैं।
ये एक बहुत बड़ा संकेत है।
ये दिखाता है कि भारत में निवेश की संस्कृति बदल रही है।
हम पहले बचत करते थे, अब हम निवेश कर रहे हैं।
ग्रोउ ने इस बदलाव को संभाला है।
अगर ये कंपनी अपने विज्ञापन खर्च को कम करके लाभ की ओर बढ़े, तो ये एक नया मॉडल बन जाएगा।
और अगर नहीं, तो ये भी एक और फ्लैश-इन-द-पैन होगा।
लेकिन अभी तक ये एक अच्छा शुरुआत है।
मैं इसे देखने के लिए उत्सुक हूँ।
Swami Saishiva
14 11 25 / 00:30 पूर्वाह्नग्रोउ का आईपीओ बस एक और फेक बूम है... अगले 6 महीने में ये गिर जाएगा।
Swati Puri
15 11 25 / 04:34 पूर्वाह्नग्रोउ का मॉडल इतना अच्छा है क्योंकि ये एक डिजिटल फिनएजेंट है - न कि एक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म।
ये यूजर्स को निवेश के बारे में शिक्षित करता है, जिससे उनकी लॉयल्टी बढ़ती है।
कमीशन बेस्ड मॉडल भी चलता है, लेकिन अगर आप यूजर को शिक्षित करते हैं, तो वो आपके साथ रहता है।
ये एक लंबे समय का रिश्ता है।
और ये वही है जो ग्रोउ बना रहा है।
Rajesh Sahu
15 11 25 / 15:50 अपराह्नभारत के निवेशकों को अमेरिकी फंड्स के लिए शेयर खरीदने की जरूरत नहीं! हमारे देश के लोगों को अपने ही बाजार में निवेश करना चाहिए!
Deepak Singh
17 11 25 / 13:20 अपराह्नग्रोउ के आईपीओ के बाद, शेयरों का आवंटन 10 नवंबर को होगा - यह तारीख स्पष्ट है। लेकिन एंकर इन्वेस्टर्स के लॉक-इन के बारे में, यह जानकारी अभी तक स्पष्ट नहीं है।
क्या यह वाकई 30 और 90 दिन का है? या फिर यह अलग है? यह एक बड़ा प्रश्न है।
मैं आईपीओ के बाद भी इस बारे में जानकारी चाहता हूँ।
क्या यह नियम सरकार द्वारा लागू किया गया है, या फिर कंपनी द्वारा? यह जानना जरूरी है।
क्योंकि अगर यह नियम नहीं है, तो यह एक बड़ा जोखिम है।
मैं निवेश करने से पहले इसकी पुष्टि करना चाहता हूँ।
क्या आप लोगों को इसकी जानकारी है?
मैं अपने निवेश के लिए इस बारे में सुनिश्चित होना चाहता हूँ।
यह बहुत महत्वपूर्ण है।
shruti raj
19 11 25 / 04:49 पूर्वाह्नअगर एंकर इन्वेस्टर्स शेयर बेचते हैं तो ये बाजार में बड़ा धमाका होगा... और आपका पैसा गायब हो जाएगा 😈