नेल्सन मंडेला एक ऐसा नाम है जिसे सुनते ही किसी भी व्यक्ति के मन में सम्मान की भावना उत्पन्न होती है। दक्षिण अफ्रीका में उन्हें 'राष्ट्रपिता' के रूप में जाना जाता है। 18 जुलाई 1918 को जन्मे मंडेला का जीवन मानव अधिकारों की रक्षा और सामाजिक समानता के ज्वार के रूप में देखा जाता है।
नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे हर वर्ष 18 जुलाई को मनाया जाता है, मंडेला के अद्वितीय योगदान को याद करते हुए। यह दिन उनके जन्म दिवस को चिह्नित करता है और समानता, न्याय और मानवता के प्रति उनके समर्पण का सम्मान करता है।
मंडेला का जीवन संघर्षों और जीतों का संगठित परिचायक था। उन्होंने अपने जीवन के 67 वर्ष स्वतंत्रता, समानता, और मानवाधिकारों के लिए संघर्ष करते हुए बिताए। उनके संघर्ष ने उन्हें 1964 से 1982 तक रॉबन द्वीप की जेल में बंद रहने तक पहुंचा दिया।
लेकिन इस कैद ने उनके मनोबल को नहीं तोड़ा। वे अपने सिद्धांतों और आदर्शों से सजीव बने रहे, और 1994 में दक्षिण अफ्रीका के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति बने। इस पद पर रहते हुए, उन्होंने देश के सामाजिक और राजनीतिक ध्रुवों को जोड़ने और एक समावेशी समाज का निर्माण करने का प्रयत्न किया।
नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे 2024 की थीम है 'गरीबी और असमानता का मुकाबला हमारे हाथों में है।' यह थीम मंडेला के जीवन के एक प्रमुख सिद्धांत को दर्शाती है - हर व्यक्ति का सम्मान और हर प्रकार की असमानता का उन्मूलन।
आज भी, दुनियाभर में लाखों लोग गरीबी और असमानता का सामना करते हैं। मंडेला के जीवन से प्रेरणा लेते हुए, इस दिन को मनाने का उद्देश्य है इन सामाजिक बुराइयों से निपटने के लिए जागरूकता बढ़ाना और सामूहिक प्रयास करना।
मंडेला का संदेश साफ था - "जीवन में महानता का महत्व नहीं है, बल्कि सेवा का महत्व है।" वे मानते थे कि हर व्यक्ति को अपने समाज, देश और दुनिया के लिए कुछ कर गुजरने का उपक्रम करना चाहिए।
आज की दुनिया में, जहां कई जगहों पर असमानता और अन्याय का बोलबाला है, मंडेला के सिद्धांत और विचार अत्यधिक प्रासंगिक हैं। हमें उनके जीवन से सीखने की जरूरत है और इन मुद्दों का समाधान करने का प्रयत्न करना चाहिए जिससे एक बेहतर और समतामूलक समाज का निर्माण हो सके।
नेल्सन मंडेला ने समाज में 67 वर्ष अपनी सेवा दी। इस समयावधि में उन्होंने अनेक आंदोलनों का नेतृत्व किया, अनेक लोगों को प्रेरित किया और अपने कार्यों और विचारों से दुनिया को बदलने का प्रयत्न किया।
उनके जीवन के संघर्ष हमें दिखाते हैं कि सामाजिक परिवर्तन के लिए समर्पण और सतत प्रयास आवश्यक हैं। मौजूदा पीढ़ी के लिए यह एक मूल्यवान संदेश है कि वे अपने छोटे-छोटे प्रयासों से भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।
गरीबी और असमानता के खिलाफ लड़ाई नेल्सन मंडेला के जीवन का एक प्रमुख हिस्सा थी। उनका मानना था कि किसी भी समाज की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती जब तक कि हर व्यक्ति को समान अवसर और सम्मान नहीं दिया जाता। इस ध्येय को प्राप्त करने के लिए उन्होंने अपने पूरा जीवन समर्पित किया।
आज की दुनिया में, गरीबी और असमानता के सवाल अब भी प्रासंगिक हैं। दुनियाभर के समाजों को इन समस्याओं का समाधान ढूंढने की जरूरत है। नेल्सन मंडेला का जीवन और सिद्धांत हमें इन मुद्दों का सामना करने की दिशा में प्रेरित करते हैं।
नेल्सन मंडेला को अंतर्राष्ट्रीय शांति का प्रतीक माना जाता है। उनके संघर्ष और समर्पण ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया, जिसने न केवल अपने देश बल्कि पूरे विश्व में शांति और सद्भावना के संदेश को फैलाया।
वे मानते थे कि किसी भी प्रकार के सामाजिक और राजनीतिक संघर्ष का समाधान संवाद और समझ से हो सकता है। उनकी यही दृष्टि और निर्भीकता आज के विश्व नेताओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। हमें उनकी शिक्षाओं से सीखना चाहिए और एक शांतिपूर्ण और बराबरी वाले समाज के निर्माण के लिए काम करना चाहिए।
अंततः, नेल्सन मंडेला इंटरनेशनल डे हमें यह याद दिलाता है कि मानवता की सेवा और समानता के लिए जो कुछ भी किया जा सकता है, वह हमें करना चाहिए। यह दिन हमें प्रोत्साहित करता है कि हम अपने छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से बदलाव लाने की दिशा में कदम उठाएं और एक बेहतर समाज का निर्माण करें। नेल्सन मंडेला के जीवन से प्रेरणा लेते हुए, आइए हम भी उनकी राह पर चलें और मानवता की सेवा में अपना योगदान दें।
Priyanka R
19 07 24 / 15:03 अपराह्नमंडेला के बारे में सब कुछ सुनकर लगता है जैसे कोई देवता आ गया... पर असल में वो भी एक इंसान था जिसने गलतियाँ कीं। अब जब दक्षिण अफ्रीका में अपराध और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है, तो क्या वो आज भी खुश होते? 😔
Rakesh Varpe
20 07 24 / 00:47 पूर्वाह्नमंडेला ने जेल में 27 साल बिताए और फिर भी बदलाव के लिए शांति का रास्ता चुना। ये इंसानियत की असली ताकत है।
Girish Sarda
21 07 24 / 07:32 पूर्वाह्नअगर हम भी अपने घर के आसपास थोड़ा सा समानता का वातावरण बनाएं तो क्या वो छोटा सा कदम मंडेला के विचारों का अनुसरण नहीं होगा? क्या हम इतना भी नहीं कर सकते?
Garv Saxena
22 07 24 / 21:06 अपराह्नतो ये सब बहुत अच्छा है... लेकिन आखिर क्यों? क्यों हमें हर साल एक दिन बनाना पड़ता है जबकि उनके सिद्धांत तो रोज़ का हिस्सा होने चाहिए? क्या हम सिर्फ इसलिए उनका नाम लेते हैं कि दुनिया को लगे कि हम अच्छे हैं? ये सब बस एक शो है। जब तक हम अपने अंदर की असमानता को नहीं छूएंगे, तब तक ये सब बस धुंध है।
Rajesh Khanna
24 07 24 / 16:20 अपराह्नहम सब छोटे-छोटे कदम उठा सकते हैं। एक दिन बस किसी को बेहतर तरीके से सुनो, या किसी की मदद करो बिना कुछ लेने के। ये भी मंडेला की राह है। 💪
Sinu Borah
26 07 24 / 04:10 पूर्वाह्नसब तो बोलते हैं मंडेला ये मंडेला वो... पर असल में कौन है जिसने अपने घर में बुर्जुआ बने रहने वाले भाई को बुलाकर उसके लिए खाना बनाया? कौन है जिसने अपने आधिकारिक दोस्त को देखकर अपने गाँव वाले को नहीं बुलाया? हम सब नेल्सन मंडेला का नाम लेते हैं लेकिन उनकी जिंदगी के बारे में कुछ नहीं जानते।
Sujit Yadav
27 07 24 / 03:31 पूर्वाह्नमंडेला को एक संस्कृति के नेता के रूप में बनाया गया है, जो वास्तव में उनकी विचारधारा को विकृत करता है। वे एक आधुनिक नेता नहीं थे, वे एक युद्ध के नेता थे जिन्होंने अपने दुश्मनों के साथ संवाद करना सीखा। यह तो बहुत बड़ी बात है, लेकिन आज के लोग इसे बस एक टी-शर्ट के नारे में बदल देते हैं। 🤡
Kairavi Behera
29 07 24 / 01:46 पूर्वाह्नअगर आपको लगता है कि आप बहुत छोटे हैं और कुछ नहीं कर सकते, तो याद रखें - मंडेला ने भी शुरुआत एक छोटे से गाँव से की थी। आज आप एक बच्चे को पढ़ाएं, एक बूढ़े की मदद करें, या बस किसी को अच्छा बोलें। ये सब बड़े बदलाव की शुरुआत है। ❤️
Aakash Parekh
30 07 24 / 05:11 पूर्वाह्नइतना लिखा है कि लगता है जैसे उन्होंने दुनिया बदल दी... पर असल में वो एक राजनीतिक नेता थे जिन्हें दुनिया ने बना लिया। अब ये सब बस एक ब्रांड है।
Sagar Bhagwat
30 07 24 / 18:55 अपराह्नहां भाई, मंडेला बहुत बड़े थे... पर अब जब ये सब बातें हो रही हैं तो क्या हमारे यहां भी कोई ऐसा नेता होगा जो जेल में बैठकर भी देश के लिए सोचे? या फिर हम सिर्फ उनकी तस्वीरें लगाकर खुश हो जाते हैं?
Jitender Rautela
1 08 24 / 15:56 अपराह्नसब लोग जानते हैं मंडेला के बारे में... पर कौन है जो अपने ऑफिस में नौकरी करने वाले को गालियां नहीं देता? वो तो असली मंडेला है।
abhishek sharma
2 08 24 / 22:28 अपराह्नमंडेला का जीवन एक ऐसा दर्पण है जो हमें दिखाता है कि हम कितने बेकार हैं। हम लोग तो अपने घर के बाहर भी अपने आप को बड़ा समझते हैं, और फिर दुनिया को बदलने की बात करते हैं। उन्होंने जेल में भी अपनी बात बनाई, हम तो बस रोज़ अपनी नौकरी के लिए झूठ बोल देते हैं। ये तुलना करने से दिल टूट जाता है।
Surender Sharma
3 08 24 / 22:59 अपराह्नmandela? kya ye koi god hai? sab log iske naam pe bhaag rahe hain par koi kisi ke ghar me bhi jake kuch nahi kar raha... bas fb pe like daal ke khush ho jate hain 😒
Divya Tiwari
4 08 24 / 03:46 पूर्वाह्नये सब तो बहुत अच्छा है... पर जब दक्षिण अफ्रीका में ब्लैक लोगों को अभी भी नहीं मिल रहा तो हम यहां इतना धूम मचा रहे हैं? क्या हमारे यहां भी कोई नहीं है जो अपने गाँव के बच्चों को पढ़ाए? ये सब बस नेताओं का शो है।
shubham rai
5 08 24 / 10:39 पूर्वाह्नमंडेला के बारे में तो बहुत कुछ लिखा गया... पर आज भी हमारे देश में एक आदमी को उसके नाम से नहीं, उसके जाति से पहचाना जाता है। क्या हम उसके संदेश को समझ रहे हैं? 🤔
Nadia Maya
6 08 24 / 06:47 पूर्वाह्नमंडेला को बहुत बड़ा बनाया गया है... लेकिन उनके जीवन के बारे में कितने लोग जानते हैं? क्या आप जानते हैं कि उन्होंने अपनी पत्नी को भी त्याग दिया था? ये सब बस एक धोखा है जिसे दुनिया ने बना लिया है।
Nitin Agrawal
6 08 24 / 13:52 अपराह्नmandela? woh toh ek aam insaan tha jisne kuch kaha aur kuch kiya... ab sab iski photo lagate hain aur khud ko progressive bolte hain 😏
Gaurang Sondagar
7 08 24 / 20:02 अपराह्नमंडेला के बारे में सब बोल रहे हैं... पर क्या हमारे यहां भी कोई ऐसा है जो अपने बेटे को नहीं बोलता कि तुम उस जाति के लड़के के साथ दोस्ती न करो? ये तो असली समस्या है।