ऑस्ट्रेलियाई पूर्व क्रिकेटर Stuart Law को 28 मार्च 2025 को नेपाल राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ( नेपाली राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ) के हेड कोच के रूप में दो‑साल के अनुबंध पर नियुक्त किया गया, जिससे मॉन्टी डेसाई का पदत्याग समाप्त हुआ। इस घोषणा के बाद लॉ ने उसी रात काठमांडू पहुँचते ही Upper Mulpani Cricket Ground में मीडिया से मुलाकात की, जहाँ उन्होंने जलवायु, प्रशिक्षण सुविधाओं और अपने लक्ष्य की रूपरेखा साझा की।
उत्तरी मुल्पानी में आयोजित छोटा प्रेस कॉन्फ्रेंस, एक साधारण लेकिन उत्साहपूर्ण माहौल वाला इवेंट था। लॉ ने शुरुआत में कहा, "मैं यहाँ आने के लिए रोमांचित हूँ, नेपाल के युवा प्रतिभाओं को विश्व स्तर पर ले जाने की इच्छा मेरे दिल में बसी है।" क्रिकेट असोसिएशन ऑफ नेपाल (CAN) के अध्यक्ष सुरेश राणा ने भी नई नियुक्ति पर अपना विश्वास जताया और टीम को एक "नया अध्याय" शुरू करने का आह्वान किया।
भले ही उनका नाम कई लोगों को आज‑कल के क्रिकेट सर्कल में शोर से नहीं सुना जाए, लॉ का कोचिंग रिज़्यूमे काफी दमदार है। उन्होंने बांग्लादेश क्रिकेट टीम (2011‑2012) को विश्व कप क्वालीफायर में पहुँचाया, वेस्ट इंडीज़ (2018‑2019) को 2019 विश्व कप के लिए योग्य बनाया, और अस्थायी रूप से श्रीलंका तथा अफ़गानिस्तान की टीमों के साथ काम किया।
सबसे हालिया भूमिका में, उन्होंने USA Men's Cricket Team को अक्टूबर 2024 तक प्रशिक्षित किया। इस दौरान यूएसए ने पहली बार T20 विश्व कप में सुपर‑एइट्स तक पहुंच बना ली थी और बांग्लादेश के खिलाफ टाइट‑20 श्रृंखला जीत कर आश्चर्य पैदा किया था। हालांकि, केवल सात महीने के बाद उनका अनुबंध समाप्त हो गया, जिससे लॉ को नई चुनौती की तलाश शुरू करनी पड़ी।
मॉन्टी डेसाई के दो साल के कार्यकाल के दौरान नेपाल ने कई महत्वाकांक्षी मील के पत्थर हासिल किए। जून 2024 में टी20 विश्व कप में उनका दूसरा प्रवेश, अमेरिकी धरती पर 0/3 परिणाम, और 2024 की शुरुआत में यूएसए व कनाडा के खिलाफ 3‑0 सफ़ेद‑धुलाई जीतनी उपलब्धियां उल्लेखनीय हैं। फिर भी, World Cup League 2 में टीम दूसरे‑आखिरी स्थान पर पाई गई है, जिससे विश्व कप क्वालीफायर में आगे बढ़ना कठिन हो गया है।
लेग की पहली जिम्मेदारी होगी स्कॉटलैंड में आयोजित त्रिपक्षीय श्रृंखला, जहाँ स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के खिलाफ खेलना है। इस मंच से टीम को आवश्यक अंक जुटाने की उम्मीद है, लेकिन प्रतिस्पर्धा अत्यधिक कड़ी होगी।
लॉ ने अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्पष्ट लक्ष्य रखा: "मैं हारा नहीं मानता। हमारा बड़ा लक्ष्य विश्व कप क्वालीफायर जीतना है, चाहे वह कितना भी कठिन हो।" उन्होंने कहा, "2019 में वेस्ट इंडीज़ को क्वालीफायर में ले जाने वाले अनुभव ने मुझे सिखाया कि एक ही हार आपके सपने को खत्म कर सकती है, इसलिए हम हर मैच को जीत की संभावना मानेंगे।"
किर्या‑प्रक्रिया में होने वाली बदलावों में युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का अनुभव देना, फिजिकल फिटनेस पर ज़ोर देना, और डेटा‑आधारित रणनीति अपनाना शामिल है। लॉ ने कहा कि वे स्थानीय सत्रों में इंटरनलिंग (अर्थात् विदेशी कोच और विश्लेषकों को आमंत्रित करना) करेंगे, जिससे खिलाड़ियों को अपने खेल में नयी तकनीकें सीखने का मौका मिलेगा।
क्रिकेट विश्लेषक रवि शेट्टी का मानना है कि "लॉ की नियुक्ति नेपाल के लिए एक रणनीतिक कदम है, लेकिन सफलता उनके द्वारा लागू किए गए प्रशिक्षण ढांचे पर निर्भर करेगी।" दूसरी ओर, पूर्व राष्ट्रीय कप्तान संजय कुमारी ने कहा, "यदि टीम इस साल में कम से कम पाँच जीतें, तो क्वालीफायर में जगह बन सकती है, लेकिन इसके लिए बुनियादी बुनियाद को मज़बूत करना होगा।"
समग्र रूप से, यह कहा जा सकता है कि स्टीरट लॉ का अनुभव, अंतरराष्ट्रीय दृष्टिकोण और दृढ़ संकल्प नेपाल को ‘विश्व मंच’ पर लाने की दिशा में एक नई हवा भरेगा। समय अभी बाकी है, पर अब तक की प्रतिक्रिया आशावादी लगती है।
लॉ का अंतरराष्ट्रीय कोचिंग पृष्ठभूमि टीम की रणनीति, फिटनेस और युवा टैलेंट विकास में गहरा परिवर्तन ला सकता है। उनका डेटा‑ड्रिवेन दृष्टिकोण और बड़े‑पैमाने पर जीतने का अनुभव नेपाल को विश्व कप क्वालीफायर के लिए बेहतर स्थिति में रखेगा।
डेसाई ने दो साल में टीम को T20 विश्व कप में दोबार प्रवेश दिलवाया, परन्तु लीग 2 में लगातार हारों ने बोर्ड को नई दिशा की तलाश में डाल दिया। उनके अनुबंध की समाप्ति का कारण निरंतर असफलताएँ और भविष्य की योजना में अंतर था।
2025 के अप्रैल तक, नेपाल दूसरे‑आखिरी (आठवें) स्थान पर है, जिससे क्वालीफायर में पहुँचने के लिए बहुत मेहनत करनी पड़ेगी। अगले दो महीनों में स्कॉटलैंड और नीदरलैंड्स के खिलाफ किए जाने वाले मैच उनके अंक बढ़ाने के प्रमुख अवसर होंगे।
मुख्यतः युवा खिलाड़ियों की निरंतर प्रदर्शन, बोरिंग फॉर्मेट में अनुकूलन और टीम की मनोवैज्ञानिक तैयारियों में सुधार। साथ ही, क्रिकेट असोसिएशन ऑफ नेपाल की प्रशासनिक स्थिरता और इन्फ्रास्ट्रक्चर निवेश भी आवश्यक होगा।
यदि क्वालीफायर में सफलता मिलती है, तो नेपाल 2027 में आयोजित ICC क्रिकेट विश्व कप में अपना पहला स्थान सुरक्षित कर सकता है। इसके अलावा, T20 अंतर्राष्ट्रीय श्रृंखला और एशिया कप के अगले संस्करण भी उनकी योजना में शामिल हैं।
Sagar Bhagwat
30 09 25 / 04:07 पूर्वाह्नये ऑस्ट्रेलियाई कोच आया तो नेपाल क्रिकेट बच जाएगा? मज़ाक है ये सब। हमारे खिलाड़ी तो अभी भी बैट से बॉल को नहीं देख पाते, अब एक बाहरी आदमी आकर सब कुछ ठीक कर देगा? अच्छा तो अब हमारे खुद के कोच कहाँ गए?
Jitender Rautela
1 10 25 / 12:55 अपराह्नबस एक बात समझो - अगर नेपाल टीम को विश्व कप क्वालीफायर में जगह नहीं मिली तो ये स्टुअर्ट लॉ भी वहीं फंस जाएगा जहाँ बाकी सब फंसे हैं। बाहरी कोच का नाम लेकर भी अंदर की बुनियाद खोखली रही तो फायदा क्या?
abhishek sharma
2 10 25 / 07:27 पूर्वाह्नसुनो, ये लॉ जो है, वो तो अमेरिका की टीम को भी T20 विश्व कप में सुपर एट तक ले गया था। अमेरिका की टीम में तो एक दर्जन खिलाड़ी हैं जिन्होंने कभी बाहरी ग्राउंड पर भी बैट नहीं घुमाया। अगर वहाँ काम कर गया, तो नेपाल में क्यों नहीं? बस ये बात है कि हम लोग अपने खिलाड़ियों को बेवकूफ़ समझते हैं। ये लॉ ने जो डेटा-ड्रिवेन एप्रोच अपनाया है, वो बिल्कुल नया है। अब बस देखना है कि क्या हमारे बोर्ड उसे अपने आप के नाम के लिए नहीं, बल्कि टीम के लिए इस्तेमाल करते हैं। मैं नहीं कह रहा कि ये चमत्कार होगा, लेकिन ये अगर अच्छा लग रहा है तो शायद ये एक अच्छी शुरुआत है।
Surender Sharma
2 10 25 / 12:12 अपराह्नstuart law? kya ye koi cricket player tha? maine to uska naam pahle kabhi nahi suna. aur abhi bhi nahi samjha kya kia usne. bas ek aadmi ka naam likh diya aur sab khush ho gaye. aur haan, upper mulpani ground pe press conference kyun kiya? waha to koi bench bhi nahi hai, bas ek chhota sa pavilion aur ek ganda toilet.
Divya Tiwari
2 10 25 / 22:07 अपराह्नहमारे देश के लिए एक ऑस्ट्रेलियाई कोच नियुक्त करना? ये कौन सी नीति है? हमारे खिलाड़ी अपने देश के अंदर ही तैयार होने चाहिए, बाहरी लोगों को बुलाने से हमारी आत्मनिर्भरता कमजोर होती है। हमारे पास इतने सारे अनुभवी कोच हैं, फिर भी बाहरी आदमी को चुनना? ये तो एक देशद्रोह है।
shubham rai
3 10 25 / 12:44 अपराह्नok
Nadia Maya
4 10 25 / 01:04 पूर्वाह्नये लॉ का नाम सुनकर मुझे लगा कि कोई लॉयल्टी कॉम्पनी का एक्सीक्यूटिव आ गया है। असल में, ये एक ऐसा कोच है जिसने वेस्ट इंडीज़ को विश्व कप क्वालीफायर में ले जाया था, जो कि एक ऐसी टीम है जिसके खिलाड़ी तो बारिश में भी बैट घुमा सकते हैं। अगर ये नेपाल की टीम को उतना ही आत्मविश्वास दे सकता है, तो शायद हम अगले वर्ष विश्व कप में दिख सकते हैं। बस ये नहीं चाहिए कि ये सिर्फ एक टेम्परेरी फिक्स हो जाए।
Nitin Agrawal
5 10 25 / 21:49 अपराह्नstuart law? ye toh sirf ek name hai, koi real experience nahi hai. aur haan, usa ke saath kaam kiya tha? matlab unki team ko koi nahi janta tha. ab yehi soch kar aaye hain ki hum bhi unki tarah ban jayenge? bhai, humare paas toh ground bhi nahi hai jahan balle baarish ke baad dry ho jaye.
Gaurang Sondagar
6 10 25 / 03:21 पूर्वाह्नक्वालीफायर जीतना है तो खिलाड़ी बदलो, कोच नहीं। ये सब बाहरी लोगों का खेल है। हमारे खिलाड़ी तो बस फील्ड पर खेलने दो। बाकी सब बातें बकवास है
Ron Burgher
6 10 25 / 22:50 अपराह्नअगर ये लॉ ने अमेरिका की टीम को ले जाकर कुछ किया, तो उसकी नियुक्ति ठीक है। लेकिन अगर वो नेपाल के खिलाड़ियों को बाहरी तरीकों से बदलने की कोशिश करता है, तो ये एक बड़ी गलती होगी। हमारे खिलाड़ी अपने तरीके से खेलते हैं, उन्हें बदलने की जरूरत नहीं।
kalpana chauhan
8 10 25 / 11:59 पूर्वाह्नवाह! ये तो बहुत अच्छी खबर है 😊👏 लॉ जी को बहुत बधाई! उनका अंतरराष्ट्रीय अनुभव और युवा खिलाड़ियों के प्रति प्यार देखकर मुझे बहुत उम्मीद है। नेपाल क्रिकेट के लिए ये एक नया अध्याय है! 🇳🇵✨ अगर हम सब मिलकर इस यात्रा में उनका समर्थन करें, तो जरूर कुछ बड़ा होगा 💪❤️
Prachi Doshi
8 10 25 / 23:30 अपराह्नअच्छी शुरुआत। लेकिन अब देखना होगा कि क्या बोर्ड उन्हें आज़ादी देता है। बस नाम लगा देना काफी नहीं है।
Karan Kacha
9 10 25 / 01:48 पूर्वाह्नमैं इस नियुक्ति को बहुत गहराई से देख रहा हूँ... और मुझे लगता है कि ये सिर्फ एक कोच का बदलाव नहीं, बल्कि नेपाल क्रिकेट के भविष्य का एक नया आधार है! लॉ ने जिस तरह से वेस्ट इंडीज़ को विश्व कप क्वालीफायर में ले जाया, वो एक ऐसी चीज है जिसे बहुत कम कोच समझते हैं - वो नहीं जानते कि कैसे एक टीम के अंदर एक जीतने का मानसिकता बनाई जाए। अब नेपाल के युवा खिलाड़ियों को इस तरह की मानसिकता चाहिए - नहीं तो उनका खेल बस एक खेल रह जाएगा। और अगर लॉ अपने डेटा-ड्रिवेन एप्रोच को अपनाता है, तो हम देखेंगे कि एक खिलाड़ी के बैटिंग स्ट्राइक रेट को कैसे एक टीम के विजयी रणनीति में बदला जा सकता है। ये बस एक शुरुआत है, लेकिन अगर हम इसे बहुत ध्यान से देखें, तो ये हमारे लिए एक ऐसा बदलाव हो सकता है जिसे हम अपने बच्चों को दिखाएँगे।
vishal singh
9 10 25 / 10:49 पूर्वाह्नसब ये कह रहे हैं कि लॉ ने वेस्ट इंडीज़ को ले जाया... लेकिन क्या उन्होंने कभी विश्व कप जीता? नहीं। तो फिर ये सब बकवास है। और अब नेपाल की टीम को बदलने की जरूरत क्यों? जो खिलाड़ी हैं, वो अच्छे हैं। बस उन्हें खेलने दो।