सांपों के डर ने बदली किस्मत: जया प्रदा की 'नागिन' बनीं श्रीदेवी

सांपों के डर ने बदली किस्मत: जया प्रदा की 'नागिन' बनीं श्रीदेवी

कहते हैं कि किस्मत का एक छोटा सा फैसला पूरी जिंदगी बदल देता है। बॉलीवुड के इतिहास में ऐसा ही एक मोड़ तब आया जब जया प्रदा ने एक फिल्म को ठुकरा दिया और उस मौके ने श्रीदेवी को देश की पहली महिला सुपरस्टार बना दिया। हम बात कर रहे हैं 1986 में रिलीज हुई सुपरहिट फिल्म नागिना की, जिसने न केवल बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े, बल्कि फिल्म इंडस्ट्री में पावर डायनेमिक्स को भी बदल कर रख दिया।

हकीकत तो यह है कि यह फिल्म पहले जया प्रदा के लिए लिखी गई थी। लेकिन एक पेंच था—फिल्म की डिमांड थी कि लीड एक्ट्रेस को असली सांपों के साथ काम करना होगा। उस दौर में आज की तरह हाई-टेक VFX नहीं होते थे, इसलिए निर्देशक हरमीश मल्होत्रा ने असलियत दिखाने के लिए असली सांपों का इस्तेमाल करने का फैसला किया था। सांपों से डर और उनके साथ काम करने में असहजता की वजह से जया प्रदा ने इस प्रोजेक्ट को ना कह दिया। बस, यहीं से श्रीदेवी की एंट्री हुई और उन्होंने इस चुनौती को स्वीकार कर लिया।

एक जादुई किरदार और यादगार डांस

फिल्म नागिनाIndia में श्रीदेवी ने 'रानी' का किरदार निभाया था। कहानी ऊपर से तो एक पारंपरिक प्रेम कहानी जैसी लगती है, जिसमें रानी की शादी एक अमीर शख्स राज से होती है। लेकिन ट्विस्ट यह था कि रानी असल में एक इच्छाधारी नागिन थी, जो प्यार के साथ-साथ प्रतिशोध की आग भी अपने अंदर दबाए बैठी थी।

इस फिल्म का सबसे आइकॉनिक हिस्सा था वह 'स्नेक डांस' सीक्वेंस, जिसमें श्रीदेवी ने अपनी अदाकारी और डांस से सबको दीवाना बना दिया। वह डांस आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार दृश्यों में गिना जाता है। फिल्म ने रोमांस, बदला और पौराणिक कथाओं का ऐसा मिश्रण पेश किया कि दर्शक सिनेमाघरों की कतारों में लग गए। नतीजा यह हुआ कि फिल्म एक ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई।

महिला सुपरस्टार का उदय और 1 करोड़ का दौर

नागिना की सफलता ने श्रीदेवी के करियर को एक नई ऊंचाई दी। हालांकि वह पहले से ही मशहूर थीं, लेकिन इस फिल्म ने उन्हें 80 के दशक की निर्विवाद सुपरस्टार बना दिया। गौर करने वाली बात यह है कि वह दौर पूरी तरह से 'हीरो-सेंट्रिक' था, लेकिन नागिना एक ऐसी दुर्लभ फिल्म थी जहां पूरी कहानी केवल नायिका के इर्द-गिर्द घूमती थी। उनकी ताकत और भावनाएं ही फिल्म की जान थीं।

उनकी मार्केट वैल्यू इतनी बढ़ गई कि वह उस समय एक फिल्म के लिए 1 करोड़ रुपये चार्ज करने लगी थीं। सोचिए, यह वह समय था जब बड़े-बड़े दिग्गज अभिनेता भी इतनी बड़ी रकम नहीं मांगते थे। उन्होंने 'मिस्टर इंडिया', 'चांदनी' और 'चलबाज़' जैसी फिल्मों से यह साबित कर दिया कि एक महिला अभिनेत्री भी फिल्म को अकेले अपने दम पर हिट करा सकती है।

पर्दे पर दोस्ती, असल जिंदगी में दुश्मनी

दिलचस्प बात यह है कि श्रीदेवी और जया प्रदा पर्दे पर तो अक्सर साथ दिखीं, लेकिन कैमरे के पीछे की कहानी कुछ और ही थी। इन दोनों अभिनेत्रियों के बीच एक ऐसी कड़वाहट थी जिसे बॉलीवुड की सबसे बड़ी प्रतिद्वंद्विता माना जाता है। उन्होंने 'औलाद', 'तौहफा', 'मैं तेरा दुश्मन' और 'मकसद' जैसी लगभग आठ फिल्मों में साथ काम किया। कई बार उन्होंने बहनों और सहेलियों का किरदार निभाया, लेकिन असल जिंदगी में उनके बीच बातचीत तक नहीं होती थी।

इंडस्ट्री के गलियारों में यह चर्चा आम थी कि इन दोनों ने करीब 25 सालों तक एक-दूसरे से बात नहीं की। सेट पर वे एक-दूसरे की आंखों में नहीं देखती थीं। जैसे ही उनका शॉट पूरा होता, दोनों अपने-अपने अलग कोनों में चली जाती थीं। ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री और ऑफ-स्क्रीन सन्नाटे का यह विरोधाभास वाकई हैरान करने वाला था।

दो अलग रास्ते और एक दुखद अंत

समय बदला और दोनों अभिनेत्रियों ने अलग-अलग रास्ते चुने। जया प्रदा, जिन्होंने 1979 में 'सरगम' से बॉलीवुड में कदम रखा था, बाद में राजनीति की ओर मुड़ गईं। उन्होंने समाजवादी पार्टी और बाद में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की।

वहीं, श्रीदेवी की चमक तब अचानक बुझ गई जब 24 फरवरी 2018 को दुबई में एक रहस्यमयी हादसे में उनकी मृत्यु हो गई। बाथटब में डूबने से हुई उनकी मौत ने पूरे देश को शोक में डाल दिया। लेकिन उनकी विरासत, खासकर 'नागिना' जैसी फिल्मों की वजह से, आज भी जिंदा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जया प्रदा ने 'नागिना' फिल्म क्यों ठुकरा दी थी?

जया प्रदा को असली सांपों के साथ काम करने में बहुत डर और असहजता महसूस हो रही थी। फिल्म की मांग थी कि लीड एक्ट्रेस को सांपों के साथ इंटरैक्ट करना होगा, जिसके कारण उन्होंने यह प्रोजेक्ट रिजेक्ट कर दिया।

श्रीदेवी और जया प्रदा की प्रतिद्वंद्विता कितनी गहरी थी?

रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों के बीच इतनी कड़वाहट थी कि उन्होंने लगभग 25 वर्षों तक एक-दूसरे से बात नहीं की। वे एक ही फिल्म में काम करते हुए भी सेट पर एक-दूसरे से नजरें मिलाने या बात करने से बचती थीं।

नागिना फिल्म ने श्रीदेवी के करियर को कैसे बदला?

इस फिल्म ने उन्हें बॉलीवुड की पहली महिला सुपरस्टार के रूप में स्थापित किया। यह एक महिला-प्रधान फिल्म थी जिसने उनकी मार्केट वैल्यू इतनी बढ़ा दी कि वह उस दौर में एक फिल्म के लिए 1 करोड़ रुपये तक लेने लगी थीं।

श्रीदेवी और जया प्रदा ने किन फिल्मों में एक साथ काम किया?

इन दोनों ने कुल आठ फिल्मों में साथ काम किया, जिनमें 'औलाद', 'तौहफा', 'मैं तेरा दुश्मन', 'मवाली', 'नया कदम', 'मकसद' और 'मजा़ल' जैसी commercially सफल फिल्में शामिल थीं।

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