क्रिकेट की दुनिया में जब विशाल स्कोर की बात होती है तो ब्रायन लारा का नाम सबसे ऊपर आता है। उनका 400 रनों का नाबाद स्कोर जो उन्होंने 2004 में इंग्लैंड के खिलाफ बनाया था, आज भी क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। लारा ने पहली बार यह रिकॉर्ड 1994 में 375 रन बनाकर अपने नाम किया था, और जब मैथ्यू हेडन ने 2003 में 380 रन बनाकर इस रिकॉर्ड को तोड़ा, तब लारा ने छह महीने बाद इसे वापस हासिल कर लिया।
हाल ही में लारा ने कुछ आधुनिक बल्लेबाजों के नाम बताए हैं जिन्हें वह अपने इस रिकॉर्ड को तोड़ने की क्षमता में देखते हैं। भारत के यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल का नाम उन्होंने लिस्ट में शामिल किया है। यशस्वी जायसवाल ने केवल नौ टेस्ट मैचों में दो दोहरे शतक बना लिए हैं और उनका औसत 68.53 का है। वहीं शुभमन गिल ने भी टेस्ट में अपने शुरुआती दिनों में ही 128 का उच्च स्कोर बनाकर अपने भविष्य की झलक दी है।
इंग्लैंड के जैक क्रॉली और हैरी ब्रूक को भी लारा ने इस लिस्ट में शामिल किया है, विशेष रूप से उनके आक्रामक खेल के चलते। जब से 'बाजबॉल' युग शुरू हुआ है, तब से ये दोनों खिलाड़ी अपनी आक्रामक शैली के लिए जाने जाते हैं।
हालांकि यह हमेशा एक बड़ा सवाल रहता है कि क्या आधुनिक खिलाड़ी लारा के विशाल स्कोर की बराबरी कर सकते हैं। टेस्ट मैच में 582 गेंदों की लंबी पारी खेलना और वह भी दो दिन तक, यह एक बड़ा कारनामा है जिसका मुकाबला कम ही खिलाड़ी कर पाते हैं। छोटे प्रारूपों के चलते खिलाड़ियों का ध्यान सीमित ओवर क्रिकेट पर अधिक होता है, जिसके चलते इतने लंबे समय तक टिकना मुश्किल हो गया है।
आज के बल्लेबाज भले ही अपने आक्रामक खेल के लिए जाने जाते हों, लेकिन लारा का यह मानना है कि अनुकूल परिस्थितियों में कुछ खिलाड़ी इस चुनौती को स्वीकार सकते हैं और इतिहास रच सकते हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय में सबसे करीबी प्रयास डेविड वॉर्नर का 335* का स्कोर रहा है। इस लिहाज से देखे तो लारा का रिकॉर्ड अभी सुरक्षित प्रतीत होता है।
Girish Sarda
10 04 25 / 08:36 पूर्वाह्नयशस्वी जायसवाल का औसत देखकर लगता है कि वो लगातार बैटिंग कर सकता है अगर टीम उसे दो दिन तक बल्ला घुमाने दे। लारा का रिकॉर्ड तोड़ना नहीं बल्कि उसके बराबर खेल पाना ही जादू है।
Garv Saxena
11 04 25 / 19:01 अपराह्नलारा ने जो कहा वो सच है लेकिन ये सब तो बस एक नैतिक धोखा है। आज के बल्लेबाज लंबी पारी नहीं खेलते क्योंकि उन्हें लंबी पारी खेलने की जरूरत नहीं है। टी20 में 80 रन बनाकर वो लाखों कमा लेते हैं। लारा के दिनों में बल्लेबाज को खुद को साबित करना पड़ता था। आज का बल्लेबाज खुद को एक ब्रांड बनाने में व्यस्त है।
Rajesh Khanna
12 04 25 / 09:37 पूर्वाह्नशुभमन गिल का तो बहुत अच्छा शुरुआती प्रदर्शन है। अगर वो अपनी शुद्धता और शांति को बनाए रखे तो ये रिकॉर्ड तोड़ने का रास्ता खुल सकता है। बस थोड़ा धैर्य और बहुत ज्यादा आत्मविश्वास चाहिए।
Sinu Borah
14 04 25 / 05:14 पूर्वाह्नलारा ने जो नाम बताए वो सब बेकार के हैं। यशस्वी जायसवाल का औसत अच्छा है लेकिन उसने अभी तक कोई बड़ी पारी नहीं खेली। जैक क्रॉली तो टेस्ट में अपनी बारिश के बाद भी चला जाता है। और हैरी ब्रूक? वो तो बस बल्ला घुमाकर लगातार आउट होता है। लारा अपने बुजुर्ग दिमाग से अपने रिकॉर्ड को बचाना चाहते हैं। असली चैलेंज तो वो है जो अभी तक नहीं आया।
Sujit Yadav
14 04 25 / 10:56 पूर्वाह्नइस बात को लेकर बहुत सारे अनभिज्ञ लोग बहस कर रहे हैं। लारा का रिकॉर्ड एक ऐसा शिल्प है जिसे आधुनिक क्रिकेट की व्यावहारिकता ने बर्बाद कर दिया है। यशस्वी जायसवाल का औसत और शुभमन गिल का टेस्ट शतक बहुत अच्छे हैं, लेकिन ये बिल्कुल भी एक ऐसे बल्लेबाज के रूप में नहीं आते जो 400 रन बनाने के लिए दो दिन तक बैठ सके। इस रिकॉर्ड को तोड़ने के लिए आपको न सिर्फ बल्लेबाजी करनी है बल्कि आत्म-नियंत्रण का अद्भुत विज्ञान भी समझना होगा।
Kairavi Behera
15 04 25 / 04:20 पूर्वाह्नअगर यशस्वी जायसवाल को दो दिन का मौका मिल जाए और टीम उसे बाहर न निकाले तो वो असली तौर पर लारा के रिकॉर्ड के करीब जा सकता है। बस एक बार लंबी पारी खेल दो, बाकी खुद बन जाएगा।
Aakash Parekh
17 04 25 / 02:39 पूर्वाह्नक्या ये सब असली है? लारा ने जो कहा वो बस अपने रिकॉर्ड को बचाने के लिए बोल रहे हैं। आज के बल्लेबाज तो दो दिन तक बैठने की बजाय चार घंटे में 100 रन बना देते हैं। इसके बाद वो बाहर निकलकर ब्रांड लगाते हैं।
Sagar Bhagwat
18 04 25 / 22:15 अपराह्नलारा ने जैक क्रॉली का नाम लिया? वो तो अपने शुरुआती दौर में बहुत बड़ा शतक बनाया था लेकिन फिर लगातार आउट हो गया। लारा शायद उनके आक्रामक खेल को पसंद करते हैं लेकिन वो भी दो दिन तक नहीं बैठ पाएंगे।
Jitender Rautela
19 04 25 / 22:40 अपराह्नयशस्वी जायसवाल को तो बस एक बार बड़ी पारी खेलनी होगी। उसका औसत तो देखो, वो तो बिल्कुल लारा की तरह है। अगर वो लगातार खेले तो ये रिकॉर्ड तोड़ना बस एक बात है।
abhishek sharma
20 04 25 / 16:33 अपराह्नलारा का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए बस एक चीज चाहिए - बारिश का नहीं, बल्कि टीम का विश्वास। अगर टीम एक बल्लेबाज को दो दिन तक बैठने दे तो शायद यशस्वी या शुभमन वहां जा सकते हैं। लेकिन आज के क्रिकेट में वो बस एक सपना है।